अफगानिस्तान से लौटे 146 भारतीय नागरिकों में से 2 यात्री कोरोना पॉजिटिव, दूसरा जत्था पहुंचा भारत

146 भारतीय नागरिक पहुंचे भारत

दोहा से स्वदेश लौटे भारतीयों के दूसरे जत्थे में से 104 लोगों को ‘विस्तारा’ की उड़ान से, 30 को ‘कतर एयरवेज़’ और 11 को ‘इंडिगो’ की उड़ान से वापस लाया गया.

अफगानिस्तान से निकाले गए भारत के 146 भारतीय नागरिक कतर की राजधानी से चार अलग-अलग विमानों के जरिये सोमवार को भारत पहुंचे. इन नागरिकों को अमेरिका और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के विमान के जरिए पिछले कुछ दिन में काबुल से दोहा ले जाया गया था. इन यात्रियों में से दो की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.

मामले से संबंधित जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद तनावग्रस्त देश में फंसे अपने नागरिकों और अफगान भागीदारों को निकालने के भारत के अभियान के तहत इन लोगों को दिल्ली लाया गया. काबुल में निकासी अभियान शुरू करने के बाद दोहा से भारत लाया गया यह भारतीयों का दूसरा जत्था है. इससे पहले, रविवार को दोहा से एक विशेष विमान के जरिये 135 भारतीय दिल्ली पहुंचे थे.

दोहा से स्वदेश लौटे भारतीयों के दूसरे जत्थे में से 104 लोगों को ‘विस्तारा’ की उड़ान से, 30 को ‘कतर एयरवेज़’ और 11 को ‘इंडिगो’ की उड़ान से वापस लाया गया. एक व्यक्ति ‘एअर इंडिया’ की उड़ान से भी लौटा.अफगानिस्तान की राजधानी से अपने नागरिकों को बाहर निकालने के अपने प्रयासों के तहत भारत तीन उड़ानों के जरिए दो अफगान सांसदों समेत 392 लोगों को रविवार को देश वापस लाया था. अमेरिकी सैनिकों की स्वदेश वापसी की पृष्ठभूमि में तालिबान ने अफगानिस्तान में इस महीने तेजी से अपने पांव पसारते हुए राजधानी काबुल समेत वहां के अधिकतर इलाकों पर कब्जा जमा लिया है.

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने क्या कहा? 

इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) ने कहा था कि अफगानिस्तान की राजधानी से अमेरिकियों और हजारों अन्य लोगों को हवाई मार्ग से लाने का ‘‘कठिन और पीड़ादाई’’ काम तेजी से चल रहा है. साथ ही उन्होंने तनावग्रस्त देश से इस अभियान को 31 अगस्त की समय सीमा से आगे चलाने की संभावना को भी नहीं नकारा.

बाइडन ने रविवार को वाइट हाउस में युद्ध समाप्त करने के अपने फैसले का बचाव किया और जोर देकर कहा कि सभी अमेरिकियों को देश से बाहर निकालना सबसे अच्छी परिस्थितियों में मुश्किल होता है. आलोचकों ने विलंब से निकासी अभियान शुरू करने को लेकर बाइडन की काफी आलोचना की है.

बाइडन ने कहा, ‘‘ काबुल से हजारों लोगों की वापसी का काम कठिन और पीड़ादायी होने वाला है. चाहे वह कभी भी शुरू होता. टेलीविजन पर दिखाई जा रहीं दर्दनाक और दिल दहला देने वाली तस्वीरों के बिना इतने सारे लोगों को निकालने का कोई तरीका नहीं था.’’ बाइडन ने कहा कि हवाई मार्ग से लोगों को वापस लाने के काम को 31 अगस्त की समय सीमा से आगे बढ़ाने के संबंध में सैन्य चर्चा जारी है. उन्होंने कहा, ‘‘ हमें उम्मीद है कि हमें इसे बढ़ाना नहीं पड़ेगा लेकिन फिर भी चर्चाएं जारी हैं.’’

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Author: CG FIRST NEWS

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